Dreams

Thursday, July 20, 2017

रास (C) Copyright



हर बार जब भी मन की घर्षण 
को सुनने का प्रयास किया है मैने
जिव्हा को अपनी पहले सूरदास किया है मैने
जब कान मेरे स्वयं के सुर को सुन ना पाते
तब कहीं अपने मन के साथ
रास किया है मैने
और फिर जाकर मन को अपने
अपना ही दास किया है मैने

Tuesday, May 23, 2017

गर तलाश तेरी जारी है (c) Copyright



“काश” की नहीं ज़रूरत तुझे
गर तलाश तेरी जारी है
“शब्बाश” की नहीं ज़रूरत तुझे
गर हर मशक्कत में तेरे
खुद्दारी है

हर जंग जो लड़ेगा तू, छोटी है
हर खून की बूँद में 
तेरे गर पसीने की तय्यरी है
हर बरछी हर भाला हल्का है 
गर ढाल तेरी भारी है
“काश” की नहीं ज़रूरत तुझे
गर तलाश तेरी जारी है

गिरे तू तो सम्भल जाएगा
हर मुक़ाम पे खुद को
सीना ताने खड़ा पाएगा
हार की मार, वक़्त की धार
से घबराना छोड़ दे
क़ामयाबी ने जो तेरी 
नज़र उतार है
“”काश” की नहीं ज़रूरत तुझे
गर तलाश तेरी जारी है

Monday, February 20, 2017

है ! Copyright (c)



हर धोखे के पीछे भरोसा है
किस्मत वालों ने ही किस्मत को कोसा है
बेस्वाद तो हम बना देते हैं 
ज़िंदगी ने तो सबके लिए ज़ायका परोसा है

जिसके पास गाड़ी नहीं
पैर हैं
जिसके पास पैर नहीं
कल्पना के पंख हैं
जिसके पास पंख नहीं
उसके पास आवाज़ है
जिसके पास आवाज़ नहीं
उसके पास हौंस्लों के शंख हैं

जिसके पास नज़र नहीं
नज़रिया है
जिसके पास नज़रिया नहीं
किताबें हैं, स्याही है
पन्ने हैं, ख धीया है
जिसके पास खड़िया नहीं
हाथ मे उसके तलवार है
जिसके पास तलवार नहीं
ज़ुबान की तेज़ी है, धार है

जिसका पास जंग नहीं
खुद से ही लड़ाई है
जिसके पास लड़ाई नहीं
पढ़ाई है
जिसके पास पढ़ाई नहीं
कढ़ाई है
रसोई है, स्वाद है
दुनिया को भोजन करवाने का गौरव है
भूख  और भरे पेट के बीच संवाद है

बस अपने उपहारों को 
देखने भर की बात है
नहीं तो उजालों मे भी
रात है
वरना 
देखो तो
मातम में भी बारात है
मातम में भी बारात है
मातम में भी बारात है