Dreams

Monday, August 2, 2010

तेरी.....Copyright ©

बाँहें फैलाना तो हमे आता था...बस तुझे गले न लगा सके
कदम बढ़ाना तो हमे आता था..बस तेरी ओर न उन्हें बढा सके
पर...
तेरी ओर से पूरे जग को हसाएंगे, बाहें फैलायेंगे
तेरी मुस्कान पूरे जग तक पहुंचाएंगे...वादा रहा
तेरी राख को माथे का तिलक बनायेंगे...वादा रहा
तूने जो सिखाई है..जैसी दोस्ती,वैसे दोस्त बनके दिखायेंगे...
वादा रहा..

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